CG NEWS:पुरानी पेंशन योजना के लिए शिक्षकों /कर्मचारियों की सेवा गणना कब से… ? सवाल पर विधानसभा में मिला यह जवाब..

CG NEWS:रायपुर ।  छत्तीसगढ़ विधानसभा के पिछले सत्र में प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए लागू ओपीएस पेंशन योजना से संबंधित सवाल किया गया।  जिसमें  यह सवाल भी शामिल था कि 2018 में नियमित हुए शिक्षकों की प्रथम नियुक्ति तिथि से पेंशन की गणना की जा रही है क्या  ? इस सवाल के  लिखित जवाब में मंत्री की ओर से जानकारी दी गई कि शिक्षक ( एलबी संवर्ग  ) को  देय सभी लाभ के लिए सेवा की गणना संविलियन दिनांक 1 जुलाई 2018 से की जाएगी।

शुक्रवार को समाप्त हुए विधानसभा सत्र में प्रश्न काल के दौरान विधायक लालजीत सिंह राठिया ने प्रदेश के शासकीय सेवकों  हेतु लागू ओपीएस पेंशन योजना से संबंधित सवाल किया था। उन्होंने जानना चाहा था कि प्रदेश सरकार द्वारा शासकीय कर्मचारियों के लिए एनपीएस के स्थान पर ओपीएस पेंशन योजना कब से प्रारंभ की गई है। ओपीएस पेंशन हेतु क्या प्रावधान किया गया है। वर्तमान में सेवानिवृत होने वाले अधिकारी / कर्मचारी की पेंशन की गणना किस योजना के तहत की जा रही है। यदि  ओपीएस के तहत गणना की जा रही है तो कौन सी तिथि से गणना की जा रही है। उन्होंने यह भी पूछा था कि क्या 2018 में नियमित हुए शिक्षकों की प्रथम नियुक्ति तिथि से पेंशन की गणना की जा रही है। यदि हां तो दिसंबर 2024 तक की अवधि में कितने सेवानिवृत हुए हैं जिनको पूर्ण पेंशन का लाभ मिल रहा है।

इस सवाल के लिखित जवाब में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि राज्य शासन द्वारा 1 नवंबर 2004 से पुरानी पेंशन योजना लागू की गई है  ।20 जनवरी 2023 को जारी अधिसूचना द्वारा ओपीएस पेंशन हेतु आवश्यक प्रावधान किया गया है। उन्होंने  लिखित जवाब में जानकारी दी कि एक नवंबर 2004 से 31 मार्च 2022 के बीच नियुक्त अधिकारी /कर्मचारी के विकल्प अनुसार ओपीएस एवं एनपीएस योजना के तहत 1 अप्रैल 2022 से नियुक्त शासकीय सेवकों के पेंशन प्रकरण ओपीएस योजना अंतर्गत पेंशन की गणना की जा रही है। ओपीएस के तहत गणना शासकीय सेवा में नियुक्ति दिनांक से की जा रही है। स्कूल शिक्षकों के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में वित्त मंत्री ने जानकारी दी कि शिक्षा विभाग की ओर से 30 जून 2018 को जारी आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि शिक्षक एलबी संवर्ग को देय समस्त लाभ के लिए सेवा की गणना संविलियन दिनांक 1 जुलाई 2018 से की जाएगी।

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अनुज शर्मा ने भी पूछा यह सवाल…

विधानसभा के प्रश्नकाल में विधायक अनुज शर्मा ने भी कर्मचारियों के एनपीएस/ ओपीएस से संबंधित एक अन्य सवाल किया। उन्होंने पूछा था कि जुलाई 2005 के बाद शासकीय सेवा में आने वाले कितने कर्मचारी वर्ष 2022 से 31 नवंबर 2024 तक सेवानिवृत हुए हैं। जो कि पूर्व के एनपीएस पेंशन स्कीम अंतर्गत आते थे। क्या सेवानिवृत्ति से पूर्व ओपीएस का विकल्प चुनने वाले इन कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति पश्चात ओपीएस पेंशन स्कीम का लाभ दिया जा रहा है तथा क्या इन सेवानिवृत कर्मचारियों के समस्त देयकों का भुगतान किया जा चुका है । यदि हां तो राज्य शासन द्वारा उनके देयकों का भुगतान शीघ्र करने कराए जाने हेतु क्या कार्रवाई की जा रही है।उन्होंने यह भी पूछा था कि क्या प्रदेश सरकार द्वारा शासकीय अधिकारी / कर्मचारियों के लिए एनपीएस के स्थान पर ओपीएस पेंशन योजना हेतु पीएफआरडीए  से प्राप्त होने वाली राशि राज्य सरकार को प्राप्त हो गई है  ।यदि हां तो कब और कितनी और यदि नहीं तो क्यों।

विधायक अनुज शर्मा के इस सवाल के जवाब में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने जानकारी दी कि जुलाई 2005 के बाद शासकीय सेवा में आने वाले कुल 1035 कर्मचारी वर्ष 2022 से 31 नवंबर 2024 तक सेवानिवृत हुए हैं। जो कि पूर्व के एनपीएस पेंशन स्कीम अंतर्गत आते थे। ओपीएस का विकल्प चुनने वाले कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के  पश्चात ओपीएस पेंशन स्कीम का लाभ दिया जा रहा है एवं जारी पेंशन/ उपादान प्राधिकार का भुगतान किया जा रहा है। सेवानिवृत्ति कर्मचारियों के समस्त देयक अर्थात समूह बीमा योजना, अवकाश नगदी करण  का भुगतान सेवानिवृत्त शासकीय सेवक के पदस्थापना कार्यालय से किया जा रहा है ।पीएफआरडीए के अनुसार एनपीएस योजना के अंतर्गत अंशदान वापस करने का प्रावधान नहीं है।

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